एक बार हम आपसी झगड़ों, विवादों, मतभेदों को दरकिनार कर देखे तो सही कि हमारी क्षमता,प्रतिभा का कितना अमूल्य विस्तार होता है और फिर इसी क्षमता का उपयोग सामाजिक जागरूकता, ज्ञान विस्तार और दूसरों का दुःख-दर्द कम करने में लगाए तो शायद इससे बढकर प्रतिभा का सदुपयोग हो ही नहीं सकता । आईये नूतन वर्ष के इस प्रथम दिवस पर हम सब मिलकर यही प्रार्थना करें कि नववर्ष में सभी मनुष्यों में आपसी प्रेम, सदभाव एवं सहयोग की निरन्तर वृ्द्धि हो। चहुँ ओर सुख, समृ्द्धि और सम्पन्नता का वास हो। सबके जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैले, सबके ह्रदयों में शान्ती का वास हो............सबकी मंगलकामनाऎँ परिपूर्ण हों!!
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत् ।।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत् ।।
( सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें, और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े। )
इसी मंगलकामना के साथ आप सब को नववर्ष की हार्दिक
शुभकामनाऎँ!!!!!!!!!!!!!





