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गुरुवार, 28 जनवरी 2010

चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान............

जैसा कि पिछली पोस्ट में इस विषय पर विचार हो रहा था कि नियमित रूप से ब्लाग लिखना कितना श्रमसाध्य कार्य है। एक ओर यहाँ अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए रोज रोज नये नये विषयों को खोजने, फिर उन पर कुछ अच्छा, बेहतरीन सा लिखने के लिए सामग्री जुटाने की चिन्ता, वहीं दूसरी ओर मान लीजिए आप लेखन में दक्ष हैं तो भी घर परिवार,नौकरी इत्यादि के चलते ब्लाग लेखन को सही मात्रा में समय न दे पाने की परेशानी।समय की कमी के चलते न तो आप सही अन्तराल में पोस्ट लिख पाते हैं ओर न ही दूसरे के ब्लाग पर जाकर टिप्पणी ही कर पाते हैं। अगर कोई पोस्ट ही नहीं लिख पाए तो ब्लाग बनाने का भी क्या उदेश्य ओर अगर पोस्ट भी लिख दी लेकिन समय की मजबूरी वश दूसरों के ब्लाग पर टिप्पणी न की तो भी लिखने का क्या फायदा----यूँ ही पढने तो कोई आने से रहा:)। यानि की टोटली टैन्शन!!!!
लेकिन अब आपको चिन्ता करने की कोई आवश्यकता नहीं। समझिए कि अब आपको पोस्ट लिखने के झंझट से मुक्ति मिल गई। क्यों कि आप लोगों की सेवा,सहयोग तथा हिन्दी भाषा के प्रचार,प्रसार की भावना लेकर हमने "चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान" नाम से एक संस्था का निर्माण किया है।जिसमें मूर्ख बुद्धिजीवियों,पाश्चात्यबुद्धि ज्ञान-विज्ञान के पुरोधा, नामी,बेनामी कवि,गजलकार और श्रमजीवी विद्वानों की भर्ती की गई है।जो आप जैसे परेशान ग्राहकों(ब्लागर्स) की माँग के अनुसार काव्य,लेख(सामयिक/असामयिक),कहानी,गजल,कार्टून,हास्य-व्यंग्य इत्यादि इत्यादि रचनाओं का निर्माण कर के देंगें।
सभी वर्गों विशेषतय: निम्न एवं मध्यमवर्गीय ब्लागरों का खास ध्यान रखते हुए एक बहुत ही साधारण सी "मूल्य दर" निश्चित की गई है, जिससे कि सभी लोग लाभ उठा सकें।
मूल्य सूची:---
1. कविता----मूल्य 100 रूपये
2.गजल----मूल्य पचास रूपये प्रति शेर के हिसाब से
3.कहानी---250 रूपये
4.कहानी(धारावाहिक)----200 रूपये प्रति किस्त के हिसाब से(न्यूतम 3 किस्तें), 5 किस्तों की कहानी पर कुल मूल्य पर 15% की छूट दी जाएगी।
5.सामयिक लेख----कीमत विषय अनुसार निश्चित की जाएगी ।
6 हास्य-व्यंग्य----मूल्य 250 रूपये
7 चुटकुले/लतीफे----मूल्य प्रति चुटकुला 20 रूपये (एक साथ 10 चुटकुलों के साथ में 1 पहेली फ्री)


गर्मियों में लेबर सस्ती हो जाने के कारण ग्राहकों को भी उस समय रचना बनवाने पर साढे 13 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
हमारे ब्लागर बन्धु उपरोक्त सूची को पढकर स्वयं ही निश्चय कर लें कि दरें कितनी वाजिब रखी गईं हैं। अनमोल रचनाओं के लिए आपसे कौडियों में कीमत ली जा रही है। चलिए अब जरा चन्द नियम एवं शर्तों को भी समझ लिया जाए।
 नियम एवं शर्ते:--
1.किसी भी तरह का पंगा लेखन का कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।
2.रचना निर्मित हो जाने पर उसे ग्राहक को स्वीकार करना ही होगा। उसके निरर्थक होने, पसंद न आने या भाव को व्यक्त न कर सकने इत्यादि किसी भी कारण से यदि ग्राहक उसे अस्वीकार करता है तो भी ग्राहक उसका पूरा पारिश्रमिक देनदार होगा।
3.बिकी हुई रचना किसी भी कीमत पर न तो बदली जाएगी ओर न ही उसका मूल्य वापिस किया जाएगा।
4.रचनाएं केवल हिन्दी भाषा में होगी ओर देवनागिरी लिपि में लिखी जाएंगीं।
5.आपको किसी भी रचना को सिर्फ एक ही चिट्ठे पर छापने का अधिकार होगा। यदि एक ही रचना को आप अपने विभिन्न चिट्ठों पर छापते हैं तो कीमत प्रति चिट्ठे के हिसाब से वसूल की जाएगी।
6.किसी भी तरह के वाद-विवाद की स्थिति में हमारा स्वयं का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।


अन्त में मैं सभी लेखक/कवि/गजलकार/कार्टूनिस्ट मित्रों से भी यह निवेदन करना चाहूँगा कि अपने बेकार समय को "चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान" के द्वारा उपयोग में लाएं। हमारा विचार चिट्ठाकारी विधा को "कोटेज इन्ड्स्ट्री" के रूप में विकसित करने का है। इस गृ्ह उद्योग से न केवल बहुत से ज्ञान और समय की कमी से पीडित चिट्ठाकारों को मदद मिलेगी बल्कि आप लोगों की आर्थिक दशा में भी सुधार होगा। साथ ही हिन्दी भाषा के प्रचार विस्तार में भी उल्लेखनीय मदद मिलेगी। जिससे कि आगे चलकर हिन्दी चिट्ठासंसार अधिकाधिक स्थूल होता जाएगा।
आशा है कि आप लोग इस सुनहरे अवसर को हाथ से न जाने देंगें :)
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निकट भविष्य में इस संस्थान से जुडने वाले हमारे सम्मानीय ग्राहक समय समय पर अपने अमूल्य अनुभवों को आप सब से साँझा करते रहेंगें :)

35 टिप्‍पणियां:

खुशदीप सहगल ने कहा…

पंडित जी,
ये तो घोर अत्याचार है...आपने चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान शुरू भी कर दिया और लिखाड़ मज़दूरों की भर्ती के लिए एड भी नहीं निकाला...कोई बात नहीं हमें दिहाड़ी पर ही रख लीजिए...मंदी में आधी कमीशन भी आप रख लेंगे तो
चलेगा...भर्ती के लिए बताइए किस मंत्री-संतरी की सिफ़ारिशी चिट्ठी साथ लगाऊं...

जय हिंद...

अजय कुमार ने कहा…

हा हा हा हा अच्छा व्यवसाय है
पैकेज डील भी होगी क्या ?

महफूज़ अली ने कहा…

हा हा हा हा हा हा हा ...मज़ा आ गया पढ़ कर........

बेनामी ने कहा…

हा हा हा हा....वाह्! आनन्द आ गया पढकर...
लगता है हमें ये सेवा लेनी ही पडेगी.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वत्स जी .......... भरती चल रही है तो मैं भी अपना बायो डेटा भेज दूं ......... इसी बहाने रोज़गार तो मिलेगा ........ जिस तरह से नेट का प्रचार हो रहा है ग्राहक तो मिल ही जाएँगे ............
अगर जॉइंट वेंचर में ये काम करना है तो मैं दुबई एक शाखा खोलने को तयार हूँ ........... और हाँ इसका पेटेंट ज़रूर करवा लेना ........... अमरीकी ब्लॉगेर्स का भरोसा नही कहीं अपने नाम से इस धंधे का पेटेंट करवा लिया तो मुफ़्त में रोएल्टी देनी पढ़ेगी ............

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

फ्रेंचाइजी दे रहे हैं क्या?

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

@दिगम्बर नासवा
@भारतीय नागरिक

भई ये कुटीर उधोग हमने अपने लिए तो नहीं शुरू किया....अगर सब लोग फ्रैन्चाईजी बनने के चक्कर में ही रहेंगे तो ग्राहक कौन होगा?
पहले कुछ दिन कम्पनी की सेवाएं तो ले लीजिए...बाद में फ्रैन्चाईजी भी बना लेंगें :)

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

ये बढिया लगा, हम भी दिहाडी पर आने को तैयार हैं. टिप्पणी कारवाने का ठेका भी लेते हैं क्या पंडित जी?

रामराम.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

मस्त हेवी पॅकेज है .... उदघाटन कब करवा रहे है .. कायसे कतार में हम भी हैं ...

जी.के. अवधिया ने कहा…

पण्डित जी, भले ही आपने यह लेख हास्य के लिये लिखा हो किन्तु अंग्रेजी ब्लोगों के लिये वास्तव में $3 से $25 तक प्रति लेख के दर से अंग्रेजी आर्टिकल बिकते हैं। उदाहरण के लिये देखें:

ArticleSale.com

Buy Pre-Written Articles

आर्टिकल ही क्या बने बनाये ब्लोग और वेबसाइट भी बिकते हैं जिसे कि वेबसाइट फ्लिपिंग कहा जाता है।

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

हा,,हा,,हा,,हा,,हा,,मस्त है पोस्ट
मुझे अनुमान लग गया था कि आप क्या धमाका करने वाले हैं :)

वत्स जी अखबार में कहीं आपने नौकरी का एड निकाल दिया लम्बी लाईन लग जायेगी देहाड़ी पर लिखने वालों की ! यहाँ ठलुअन की कमी नहीं है

बहुत लम्बे समय से चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान जैसे किसी संस्थान की जरूरत थी ब्लॉग जगत को ! इस बहुउद्देशीय सेवा संस्थान के लिए आपका नाम ब्लागिंग इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा

राज भाटिय़ा ने कहा…

अरे बाबा हमे भी नोकर रख लो हम आप को जो चाहोगे कविता, कहानी चुटक्ले दुसरो के चोरी कर के थोडी हेर फ़ेर कर के आधी कीमत पर दे देगे, ताकि आप पर भी काम का बोझ कम पडे, माला ताजा मिलेगा आर्डर पर

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

अरे भाटिया जी, आप जैसे विदेशी ग्राहकों को देखते हुए ही तो हमने इस संस्थान को खडा किया है..ताकि कीमत डालर,पाऊंड,दिनार,फ्रैंक में लेकर देश के लिए कुछ विदेशी मुद्रा जुटा सके ओर आप है कि उल्टा हम ही से माल झटकना चाहते हैं :)
अजी, हमारे लिए न सही तो कम से कम देश के लिए ही ग्राहक बन जाएं :)

shikha varshney ने कहा…

अरे संस्थान खुल गया ? vacancy तो निकली नहीं..? :( हमें भी छोटी मोटी नौकरी दे दीजिये..

Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…

आपने इतनी मेहनत से संस्‍थान खोला और ये सारे लिख्‍खाड़ आपका धंधा चौपट करने आ पहुंचे। इन्‍हें मारिए गोली और पीछे के दरवाजे पर नजर रखना कोई न कोई ब्‍लाग पर लिखाने को ग्राहक जरूर आएगा। एक टिप्‍पणीकार हैं जो केवल nice ही लिखते है, उन्‍हें अपना ग्राहक अवश्‍य बना लें। मैं पहले ही उनसे क्षमा मांग लेती हूँ नहीं तो पता नहीं आज क्‍या होगा। बढिया प्रयास है लगे रहिए।

सुनीता शानू ने कहा…

वाह पंडित जी अच्छा रोजगार दिला रहे हैं आप। बढ़िया वेकैंसी है जी:)

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत ज़बरदस्त प्रारूप है. शुभकामनाएं!

क्रिएटिव मंच-Creative Manch ने कहा…

bahut achcha...



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श्रेष्ठ सृजन प्रतियोगिता
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C.M. Quiz
★☆★☆★☆★☆★☆★☆★
क्रियेटिव मंच

रंजना ने कहा…

KYA IDEA HAI SIR JI....WAAH !!!!

LAJAWAAB....YAH VYAVSAAY SACHMUCH JHAKAJHAK CHALEGA...

Udan Tashtari ने कहा…

कविता तो आपने कौड़ी के भाव की कर दी.

क्षणिका करिये १०० रुपये में तो.

:)

वैसे वाकई वेकेंसी हो तो बंदा सेवा में हाजिर है.

प्रति टिप्पणी का भाव हो तो बल्क में हम ठेला ले सकते है. पुराना रिकार्ड अच्छा है. :)

Murari Pareek ने कहा…

हां.हा.हा...हा.. नै सोच के साथ बाजार में उतरे हो वीरू बढ़िया यूँ कहिये शानदार !!!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

पुस्तक की प्रति मुझे भी मेल कर देना जी!

"सन्नी" ने कहा…

शर्मा जी, कब ला रहे हो इस कम्पनी का IPO मार्केट मे, हम तो शेयर मे निवेश करेगें, वैसे कम्पनी के प्रचार-प्रसार का टेन्डर के लिये भी हम इन्तजार में है.

संजय भास्कर ने कहा…

मस्त हेवी पॅकेज है .... उदघाटन कब करवा रहे है .. कायसे कतार में हम भी हैं ...

kshama ने कहा…

Uffo! Ha,ha,ha..aur alag kya pratikriya ho sakti hai?

Shiv Kumar Mishra ने कहा…

बहुत कमाल की पोस्ट!!! बहुत मज़ा आया पढ़कर.

रंजन ने कहा…

good ji..

गौतम राजरिशी ने कहा…

हा हा..अच्छी रेट लिस्ट है। मन प्रसन्न हुआ कि ग़ज़ल का भाव कविता से ऊपर है।

'अदा' ने कहा…

चलिए कंपनी में सारे बड़े पोस्ट तो बड़े लोग ले जा रहे हैं...
हमको रख लीजिये प्लीज चाय-पानी...लाने के लिए भी तो किसी की ज़रुरत होगी ना :):)

निर्मला कपिला ने कहा…

क्या इस संस्थानमे नौकरी पाने के लिये कोई उम्र तो नहीं रखी ? वैसे अगर आप 60 साल से उपर के लोगों को रख लें तो कई फायदे होंगे एक तो बेचारे बहु बेटों के सताये अपना समय अच्छा बिता लेंगे फिर जेब खर्च भी निकल आयेगा और उपर से उम्र का तज़ुर्बा भी काम आयेगा। कोई झगडे वाली बात हुयी तो सेहत के हिसाब से वो कोर्ट कचहरी के चक्कार मे भी नहीं पडेंगे। है ना फायदा। तो मेर बाओडेटा भी मंजूर कर लें । आपका कारोबार बढे फूले और ब्लाग जगत का उद्दार हो--हाँ एक टिप्पणी विभाग जरूर रखें ताकि किसी को सिर्फ nice लिख कर ही न जाना पडे हा हा हा

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

मुझे भी अपने सेवा संस्थान में भर्ती कर लो जी, मैं भी बड़े-बड़े महानुभावों की कार्टून बना मारूंगा :-)

बेनामी ने कहा…

what an Idea पंडित जी!!! हमारे लायक कोई vacancy है तो बताइयेगा. इस मजेदार पोस्ट के लिए अभिनन्दन!

शरद कोकास ने कहा…

अच्छा व्यंग्य है ।

नरेश सिह राठौङ ने कहा…

हमारे लिए तो यहाँ कोइ जॉब मिलने वाला नहीं लगता है |