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मंगलवार, 3 मार्च 2009

खून चूसने वाले जीव

हमारे यहां भारतवर्ष में शासन तंत्र की समस्त प्रक्रिया को राजनीति (politics)के नाम से संबोधित किया जाता है। किन्तु क्या आप लोग जानते हैं कि इस politics  शब्द का वास्तविक अर्थ क्या है?  शायद आप लोगों को इस बारे में जानकारी हो,किन्तु मुझे तो आज ही अचानक  इस बारे में पता चला तो सोचा आप लोगों के साथ इस जानकारी को सांझा करता चलूं।

politics जो कि वास्तव में लैटिन भाषा का शब्द है.जिसमें poli का अर्थ होता है (many) "अनेक" तथा tics शब्द का अर्थ  है(blood sucking creatures) " खून चूसने वाले जीव"। अर्थात जिस प्रक्रिया में बहुत सारे खून चूसने वाले जीव सम्मिलित हों उसे politics  कहा जाता है।

भई,मैंने तो आज से सौगंध ले ली कि मै अब कभी किसी राजनीति दल या किसी नेता के प्रति ,अपने मन में किसी प्रकार की कोई बुरी भावना नहीं रखूंगा। अब जब प्रकृ्ति ने बेचारे इन जीवों की रचना ही खून चूसने के लिए की है तो फिर उनका इस में क्या दोष?

15 टिप्‍पणियां:

आलोक सिंह ने कहा…

जोहार
अर्थ बताने के लिए धन्यवाद .
मैंने भी आज से सौगंध ले ली कि मै अब कभी किसी राजनीति दल या किसी नेता के प्रति ,अपने मन में किसी प्रकार की कोई बुरी भावना नहीं रखूंगा।

Smart Indian ने कहा…

वाह पंडित जी, क्या अर्थ ढूंढकर लाये हैं - स्कूली दिनों में हम लोग इसी श्रंखला में कष्टमर आदि बहुत शब्दों के अर्थ-अनर्थ किया करते थे.

Udan Tashtari ने कहा…

क्या अर्थ ढ़ूंढ़ कर लाये हैं..एकदम सटीक बैठता है.

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

यदि ऐसा है तो मच्छर, खटमल, पिस्सू, जोंक आदि की जाति वालों से उनके जैसा ही व्यवहार क्यूं न किया जाए ?

बेनामी ने कहा…

हमें तो पता नहीं था. लगता है अंतर मानस को पता रहा हो क्योंकि जब भी इनकी बात होती है, हमें तो खटमल ही दिखते हैं. आभार.

shelley ने कहा…

maja aaya kya arth dhudha hai. apne yahan to satik baitha hai.

Arvind Mishra ने कहा…

पर बच के तो रहिये !

naresh singh ने कहा…

यह अर्थ बताने के लिए आभार । इन पर HIT अच्छा काम करेगा । .

राज भाटिय़ा ने कहा…

मेने कही पढा था कहां याद नही, आप ्का धन्यवाद आप ने फ़िर से याद दिला दिया, वेसे मै इस तरह के जानवरो से दुर ही रहता हुं,ओर कभी पता चल जाये की अमुक नेता है, तो झट से किनारा कर लेता हुं. यह साले अपने बाप के नही , मै ओर आप तो चीज ही क्या है इन के लिये

seema gupta ने कहा…

अब जब प्रकृ्ति ने बेचारे इन जीवों की रचना ही खून चूसने के लिए की है तो फिर उनका इस में क्या दोष?
" oh bicahre prkti ke maare....bhagwan hi malik hai inka..."

Regards

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अच्छा किया वत्स जी बता दिया हम को भी, इनको ऐसे ही गालियाँ देते थे, बच कर रहना पड़ेगा, शांत rakhna पड़ेगा इनको

बेनामी ने कहा…

आप भी कितना मजेदार अर्थ ढूंड कर लाएं हैं

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बहुत सुन्दर अर्थ.

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

politics शब्द का एकदम सटीक .../

कडुवासच ने कहा…

bahut shaandaar!!!

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